हर साल एक ही मौसम आता है। मोहल्ले में ख़बर फैलती है कि “इटली का कोटा खुल गया है”, कोई कहता है कि फ़लाँ के भाई के ज़रिए बात हो सकती है, और दो हफ़्ते के अंदर किसी न किसी घर में ज़मीन बिक रही होती है या माँ के गहने उतरे होते हैं।
इटली वाक़ई यूरोप का वह देश है जहाँ विदेशी मज़दूरों के लिए बाक़ायदा कोटा सिस्टम चलता है — सरकार ख़ुद ऐलान करती है कि इस साल इतने लोग बाहर से बुलाए जाएँगे। यह बात सच है। मसला यह है कि इसी एक सच के साये में फ़्रॉड का पूरा बाज़ार लगा हुआ है, और इस बाज़ार में जो चीज़ सबसे महँगी बिकती है वह वीज़ा नहीं, आपकी बेख़बरी है।
तो आइए ठंडे दिल से देखते हैं कि इटली जाने के क़ानूनी दरवाज़े कौन-कौन से हैं, कोटा सिस्टम असल में कैसे चलता है, और वे कौन सी जगहें हैं जहाँ खड़े होकर हमारे लोग सबसे ज़्यादा लुटते हैं।
Decreto Flussi — वह कोटा जिसका सब नाम लेते हैं
इटली की सरकार हर साल एक फ़रमान जारी करती है जिसे decreto flussi कहते हैं। इसमें तय होता है कि ग़ैर-यूरोपीय देशों से कितने मज़दूर आ सकते हैं और किन क्षेत्रों में — सीज़नल काम यानी खेती और टूरिज़्म, परमानेंट काम यानी ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, मैकेनिक और इसी तरह के पेशे, और कुछ ख़ास कैटेगरियाँ। हाल के सालों में सरकार ने कई सालों का कोटा मिलाकर लाखों के आँकड़े में ऐलान किया है, और आने वाले सालों के लिए भी बड़े कोटे का ऐलान हो चुका है। यही आँकड़े हैं जो ख़बरों में चलते हैं और जिनके आधार पर एजेंट का फ़ोन बजना शुरू होता है।
अब असली बात, और यह इस पूरे लेख की सबसे अहम लाइन है: इस कोटे में आवेदन आप नहीं देते। आवेदन इटली में बैठा एम्प्लॉयर देता है — वह मालिक या कंपनी जो आपको नौकरी देना चाहती है। वह एक तय दिन, जिसे click day कहते हैं, ऑनलाइन सिस्टम में आपके नाम का आवेदन जमा कराता है। आवेदन वक़्त की तरतीब से क़बूल होते हैं और कोटा मिनटों में भर जाता है, क्योंकि आवेदन कोटे से कई गुना ज़्यादा होते हैं।
अगर आपका आवेदन कोटे में आ जाए तो एम्प्लॉयर को nulla osta यानी इजाज़तनामा मिलता है। इसके बाद आप अपने देश में इटली के दूतावास से वर्क वीज़ा लगवाते हैं। इटली पहुँचकर एम्प्लॉयर के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन होता है और फिर रेज़िडेंस परमिट यानी permesso di soggiorno का आवेदन जाता है। यह पूरा सिलसिला काग़ज़ों की एक ज़ंजीर है, और इस ज़ंजीर की हर कड़ी के पीछे एक असली नौकरी होनी चाहिए।
नुला ओस्ता का बाज़ार — यह हिस्सा दो बार पढ़ें
उपमहाद्वीप में “पक्का nulla osta” लाखों रुपये में बिकता है। कोई आठ लाख माँगता है, कोई पंद्रह, कोई पच्चीस। रक़म जितनी बड़ी हो, आदमी उतना ही ज़्यादा यक़ीन कर लेता है कि चीज़ असली होगी — हालाँकि हक़ीक़त इसके उलट है।
इनमें से बहुत से काग़ज़ सिरे से जाली होते हैं। मगर असल तकलीफ़देह सूरत वह है जिसमें काग़ज़ असली होता है। आदमी वीज़ा लगवाकर, सब कुछ बेचकर, इटली पहुँच जाता है — और वहाँ पहुँचकर पता चलता है कि वह “मालिक” फ़ोन नहीं उठा रहा। कोई कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं होता, क्योंकि नौकरी कभी थी ही नहीं; उसने सिर्फ़ एक काग़ज़ बेचा था। नतीजा यह कि जो शख़्स क़ानूनी वीज़ा पर उतरा था, वह चंद हफ़्तों में बिना काग़ज़ात वालों की क़तार में खड़ा होता है। यह मंज़र इटली में हज़ारों बार दोहराया जा चुका है।
एक उसूल याद रख लें और उसे कभी न छोड़ें: जिस नौकरी में काम शुरू करने से पहले आप पैसे दें, वह नौकरी नहीं, सौदा है — और उस सौदे में माल आप हैं। जब कोई आपसे कोटे के नाम पर रक़म माँगे तो सिर्फ़ एक सवाल पूछें: कंपनी का नाम क्या है, वह कहाँ है, और क्या मैं ख़ुद उससे बात कर सकता हूँ? जवाब गोल-मोल हो तो बात वहीं ख़त्म कर दें।

सीज़नल काम
खेती में टमाटर, अंगूर और सेब की तुड़ाई, और टूरिज़्म में होटल और रेस्टोरेंट का काम — इनके लिए चंद महीनों का सीज़नल वीज़ा होता है। यह भी उसी कोटे का हिस्सा है और तरीक़ा बिल्कुल वही है, यानी आवेदन एम्प्लॉयर देता है।
एक बात जो अक्सर लोगों को मालूम नहीं: नए क़ानूनों में सीज़नल काम को आगे परमानेंट कॉन्ट्रैक्ट में बदलने के रास्ते मौजूद हैं। यानी चंद महीने का वीज़ा भी, अगर असली हो और आप शर्तें पूरी करें, आगे का दरवाज़ा खोल सकता है। इसीलिए सीज़नल वीज़ा को छोटा समझकर ठुकराना समझदारी नहीं।
स्टडी वीज़ा — सबसे कम शोर, सबसे ज़्यादा फ़ायदा
अजीब बात है कि इटली का सबसे भरोसेमंद दरवाज़ा वही है जिसके बारे में सबसे कम बात होती है। शायद इसलिए कि इसमें एजेंट का हिस्सा कम बनता है।
इटली की सरकारी यूनिवर्सिटियों की फ़ीस यूरोप के हिसाब से कम है, और कई वज़ीफ़े — मसलन क्षेत्रीय DSU स्कॉलरशिप — विदेशी छात्रों को भी मिलते हैं। आपको दाख़िला, पैसों का सबूत, रहने का इंतज़ाम और हेल्थ इंश्योरेंस दिखाना होता है। छात्र सीमित घंटे क़ानूनी तौर पर काम कर सकता है, और पढ़ाई पूरी होने पर वर्क परमिट में बदलाव मुमकिन है।
ज़रा तुलना कीजिए। एक तरफ़ वह रक़म है जो “पक्के कोटे” के नाम पर एजेंट को दी जाती है, और साथ में यह ख़तरा कि आवेदन click day पर ही रह जाए। दूसरी तरफ़ वह ख़र्च है जो एक साल की पढ़ाई और रिहाइश पर आता है, और आप पहले दिन से क़ानूनी हैं। अगर आपने कॉलेज या यूनिवर्सिटी की पढ़ाई की है और उम्र साथ दे रही है, तो ईमानदारी से यह रास्ता पहले देखें।
बाक़ी दरवाज़े
कोटे से बाहर भी कुछ रास्ते हैं जिन पर हमारे यहाँ कम ध्यान जाता है।
EU Blue Card उन लोगों के लिए है जिनके पास डिग्री हो और अच्छी तनख़्वाह वाली जॉब ऑफ़र हो। यह कोटे से बाहर है, यानी click day की लॉटरी का हिस्सा नहीं। इंजीनियर, आईटी वाले और तजुर्बेकार पेशेवर अक्सर यह समझे बग़ैर कोटे की क़तार में लग जाते हैं कि उनके लिए अलग दरवाज़ा खुला है।
फ़ैमिली री-यूनियन के तहत इटली में क़ानूनी तौर पर रहने वाला शख़्स अपने जीवनसाथी और बच्चों को बुला सकता है, बशर्ते आमदनी और रिहाइश की शर्तें पूरी हों। यह रास्ता सीधा है मगर काग़ज़ी तौर पर बारीक — शादी के दस्तावेज़ की तसदीक़ और नामों की स्पेलिंग तक अहम होती है।
शरण (asylum) उस शख़्स का हक़ है जिसे वाक़ई ख़तरा हो। मगर उतनी ही साफ़ बात यह है कि झूठे केस सालों लटकते हैं और आख़िर में ख़ारिज होते हैं, और ख़ारिज हुआ केस आगे आपके अपने रास्ते तंग करता है। निवेश और स्टार्टअप के लिए भी अलग वीज़ा मौजूद हैं, उन लोगों के लिए जिनके पास पूँजी और चलने लायक़ योजना दोनों हों।

और वे लोग जो पहले से इटली में बिना काग़ज़ात हैं
यहाँ एक बात साफ़ कह देनी चाहिए, चाहे सुनने में कड़वी लगे। इटली में स्पेन जैसा परमानेंट Arraigo सिस्टम नहीं है। स्पेन में क़ानून की किताब में लिखा हुआ एक रास्ता हमेशा खुला रहता है कि इतने साल गुज़ारने के बाद आवेदन दिया जा सकता है। इटली में ऐसा कोई परमानेंट दरवाज़ा नहीं।
इटली में कभी-कभार ख़ास स्कीमें आती हैं जिन्हें sanatoria यानी आम माफ़ी कहते हैं — आख़िरी बड़ी स्कीम 2020 में आई थी। मगर इनका न कोई वादा है, न कोई कैलेंडर। “अगली sanatoria आने वाली है” की अफ़वाह हर साल चलती है, और हर साल कुछ लोग इस अफ़वाह पर एजेंट को पेशगी रक़म दे बैठते हैं।
इसके अलावा चंद सीमित रास्ते मौजूद हैं — ख़ास हिफ़ाज़त, एम्प्लॉयर के सहयोग से बनने वाले केस, और अदालती रास्ते — मगर ये पेचीदा हैं और हर केस की तफ़सील अलग होती है। अपने शहर के patronato दफ़्तर या किसी इमिग्रैंट हेल्प डेस्क से मुफ़्त सलाह लें। और जैसे स्पेन में नगरपालिका का रजिस्ट्रेशन क़ीमती है, वैसे ही इटली में Comune (नगरपालिका) में रिहाइश के सबूत और साफ़ रिकॉर्ड आपकी सबसे बड़ी पूँजी हैं।
काम कहाँ है, और किस शक्ल में
दक्षिण में — Puglia, Sicilia, Calabria — और उत्तर के फ़ार्मों में खेती का काम मिलता है। मेहनत सख़्त है और मज़दूरी कम, और यहीं lavoro nero यानी काला काम सबसे ज़्यादा है, जहाँ न कॉन्ट्रैक्ट होता है न कोई सबूत। जहाँ तक मुमकिन हो इससे बचें, क्योंकि बिना काग़ज़ के किया गया काम आगे चलकर आपके हक़ में कुछ साबित नहीं करता।
उत्तरी इटली में — Lombardia, Emilia-Romagna, Veneto — फ़ैक्टरियाँ और लॉजिस्टिक्स का क्षेत्र है, जहाँ तनख़्वाहें बेहतर हैं और बाक़ायदा कॉन्ट्रैक्ट आम है। रेस्टोरेंट और होटल का काम बड़े शहरों और सैलानी इलाक़ों में मिलता है।
एक आख़िरी और बहुत काम की बात: यूनियन के दफ़्तर (CGIL, CISL) और patronato दफ़्तर मुफ़्त मदद करते हैं। कॉन्ट्रैक्ट चेक करवाने की असली जगह यही है, न कि वह जान-पहचान वाला जो “बीस हज़ार लेकर” काग़ज़ देख देता है। हमारे लोग इन दफ़्तरों से कतराते हैं और इसी काम के पैसे दे देते हैं — जो चीज़ मुफ़्त में और अक्सर बेहतर क्वालिटी की मिलती है, उसके पैसे देना सबसे आसानी से टाला जा सकने वाला नुक़सान है।
सरकारी वेबसाइटें — तसदीक़ यहीं से करें
- गृह मंत्रालय (कोटा और इमिग्रेशन): interno.gov.it
- वीज़ा जानकारी: vistoperitalia.esteri.it
यह लेख जानकारी के लिए है, क़ानूनी सलाह नहीं। इटली के कोटे, तारीख़ें और शर्तें हर साल बदलती हैं, और जो बात पिछले साल सही थी वह इस साल ग़लत हो सकती है। कोई रक़म देने या कोई फ़ैसला करने से पहले सरकारी ऐलान ख़ुद अपनी आँख से पढ़ें, और अपनी फ़ाइल किसी मान्यता प्राप्त वकील या patronato दफ़्तर को दिखा लें।