हर साल जब इटली के कोटे (decreto flussi) का एलान होता है तो हमारे यहाँ एक हलचल मच जाती है। कैफ़े में, मोहल्ले की दुकान पर, वॉट्सऐप के ग्रुपों में — बस एक ही बात होती है कि क्लिक किसके पास है और नाम किसका निकलेगा। और इसी शोर में एक दरवाज़ा चुपचाप खुला खड़ा रहता है, जिस पर भीड़ कम है और जो लॉटरी पर नहीं चलता।
वह दरवाज़ा स्टडी वीज़ा है। और इसकी सबसे बड़ी ख़ूबी यह नहीं कि इटली जाना आसान हो जाता है — ख़ूबी यह है कि आप पहले दिन से क़ानूनी होते हैं, आपके रहने के साल गिनती में शुमार होते हैं, और आख़िर में वर्क परमिट का रास्ता आपके सामने खुलता है, बंद नहीं होता।
मगर इससे पहले कि हम दाख़िले और काग़ज़ात की बात करें, एक चीज़ समझ लें जिस पर अक्सर लोगों को यक़ीन ही नहीं आता।
इटली में सरकारी यूनिवर्सिटी की फ़ीस आपकी आमदनी देखकर तय होती है
हमारे दिमाग़ में यूरोप की पढ़ाई का मतलब लाखों रुपये सालाना फ़ीस है। इटली में ऐसा नहीं। सरकारी यूनिवर्सिटियों की फ़ीस एक पैमाने पर लगती है जिसे ISEE कहते हैं — यानी परिवार की आमदनी और संपत्ति का सरकारी हिसाब। आमदनी कम है तो फ़ीस कम। इतनी कम कि कम आमदनी वाले परिवारों के बच्चों के लिए पूरे साल की फ़ीस कुछ सौ यूरो तक आ जाती है, और बहुत से मामलों में पूरी माफ़ हो जाती है।
विदेशी छात्र के लिए यह हिसाब ISEE Parificato कहलाता है, और यह इटली में CAF के दफ़्तर से बनता है। आप अपने देश की आमदनी के काग़ज़ात लेकर जाते हैं, वे उन्हें इतालवी पैमाने पर ढाल देते हैं। यह एक ऐसा काग़ज़ है जिसके बारे में बहुत से पाकिस्तानी छात्रों को दूसरे साल पता चलता है — और तब तक वे पहला साल पूरी फ़ीस दे चुके होते हैं।
सीधी बात: इटली पहुँचते ही ISEE Parificato बनवाने का काम अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर रखें। यह फ़ीस भी तय करता है और अगली चीज़ का दरवाज़ा भी खोलता है।
DSU स्कॉलरशिप — वह चीज़ जो पढ़ाई को असल में मुफ़्त कर देती है
इटली के हर इलाक़े (region) की अपनी संस्था है जो कम आमदनी वाले छात्रों की मदद करती है। जगह-जगह नाम अलग हैं — कहीं DSU, कहीं ERDIS, कहीं DiSCo — मगर काम एक है। और जो ये संस्थाएँ देती हैं, वह कोई मामूली रियायत नहीं।
एक ही अर्ज़ी पर फ़ीस माफ़ी, यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में कमरा, mensa यानी छात्रों के खाने की सुविधा, और ऊपर से सालाना स्कॉलरशिप। और सबसे अहम बात — विदेशी छात्र भी उसी तरह हक़दार हैं जैसे इतालवी छात्र। यह कोई रियायती कोटा नहीं, एक ही सिस्टम है जिसमें शर्त आमदनी की है, पासपोर्ट की नहीं।
यही वजह है कि उपमहाद्वीप के बहुत से छात्र इटली में असल में बिना फ़ीस के पढ़ रहे हैं और रिहाइश भी संस्था की है। शर्त सिर्फ़ इतनी है कि अर्ज़ी वक़्त पर दें — यह हर साल देनी होती है, एक बार नहीं — और इम्तिहानों का तय हिस्सा हर साल पूरा करें। जो छात्र पढ़ाई को गंभीरता से ले, उसके लिए यह सिस्टम बनाया ही गया है।
मान लीजिए दो छात्र एक ही दिन इटली पहुँचते हैं। एक ISEE Parificato बनवाता है और सितंबर में DSU की अर्ज़ी दे देता है। दूसरा सोचता है कि पहले सेट हो जाऊँ, यह काम बाद में देखेंगे। एक साल बाद पहले वाले की फ़ीस शून्य है, कमरा हॉस्टल में है और जेब में स्कॉलरशिप है; दूसरा कमरे के किराये के लिए दिहाड़ी लगा रहा है। फ़र्क़ अक़्ल का नहीं, एक काग़ज़ की ख़बर का है।

इतालवी न जानने का बहाना अब नहीं चलता
एक पुरानी धारणा यह है कि इटली में पढ़ने के लिए इतालवी आनी चाहिए। मास्टर्स के स्तर पर यह बात अब सही नहीं रही। इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस और इकोनॉमिक्स के सैकड़ों प्रोग्राम पूरी तरह अंग्रेज़ी में पढ़ाए जाते हैं — Politecnico di Milano, Politecnico di Torino, Bologna, Sapienza और Padua जैसे बड़े संस्थानों में भी।
हालाँकि एक बात साफ़ रहे: पढ़ाई अंग्रेज़ी में होगी, ज़िंदगी इतालवी में। नौकरी, किराया, डॉक्टर, दफ़्तर — हर जगह भाषा चाहिए। पहले साल से इतालवी सीखना शुरू कर दें, इसे डिग्री के बाद के लिए न छोड़ें।
दाख़िले से वीज़े तक — क्रम क्या है
यह रास्ता लंबा नहीं मगर इसका क्रम अहम है, और तसदीक़ वाले चरण में वक़्त लगता है। इसीलिए देर से शुरुआत करने वाले हर साल एक इनटेक पीछे रह जाते हैं।
- यूनिवर्सिटी में अर्ज़ी। हर यूनिवर्सिटी का अपना पोर्टल और अपनी तारीख़ें हैं — आम तौर पर सर्दियों से बसंत तक खिड़की खुलती है।
- प्री-एनरोलमेंट। दाख़िला मिलने के बाद सरकारी पोर्टल Universitaly पर प्री-एनरोलमेंट की जाती है। यही फ़ाइल आगे दूतावास के पास जाती है, इसलिए इसमें लिखी हर जानकारी आपके बाक़ी काग़ज़ात से मेल खाती हो।
- डिग्रियों की तसदीक़। या तो Declaration of Value (DoV) या CIMEA का सर्टिफ़िकेट। इस चरण को सबसे पहले शुरू करें — यह सबसे ज़्यादा वक़्त खाता है और इसी की वजह से फ़ाइलें लटकती हैं।
- वीज़ा इंटरव्यू। साल भर के ख़र्च का आर्थिक सबूत (अंदाज़न लगभग 6 से 7 हज़ार यूरो के आसपास, रक़म हर साल बदलती है), रिहाइश का इंतज़ाम, हेल्थ इंश्योरेंस और अपना पढ़ाई का प्लान।
और अब वह बात जो कोई एजेंट आपको नहीं बताता: उपमहाद्वीप से इटली के स्टूडेंट वीज़े के इनकार भी ख़ूब होते हैं। ज़्यादातर इनकार दो वजहों पर होते हैं — आर्थिक सबूत कमज़ोर या बनावटी लगता है, या पूरी फ़ाइल से यह छाप मिलती है कि पढ़ाई बहाना है और असली मक़सद कुछ और।
इसका इलाज सादा है। दाख़िला उसी विषय में लें जिसमें आपकी पिछली पढ़ाई है; बी.कॉम के बाद अचानक नर्सिंग का कोर्स फ़ाइल को कमज़ोर करता है, मज़बूत नहीं। पैसों के काग़ज़ असली हों, उधार की रक़म कुछ दिनों के लिए अकाउंट में डालकर बनाए गए न हों। और इंटरव्यू में अपना प्लान आप ख़ुद, अपने शब्दों में बता सकें — रटा हुआ जवाब अफ़सर मिनटों में पहचान लेता है।
इटली पहुँचने के बाद के पहले दिन
एयरपोर्ट से निकलने के बाद घड़ी चल पड़ती है। आने के 8 कामकाजी दिनों के अंदर permesso di soggiorno per studio (पढ़ाई के लिए रहने का परमिट) की अर्ज़ी जमा करानी होती है — डाकघर से मिलने वाली ख़ास किट के ज़रिये। यह आपके पूरे क़याम की बुनियाद है, और इसमें देर आगे हर काग़ज़ को मुश्किल बना देती है।
साथ ही यह जान लें कि आप पढ़ाई के दौरान हफ़्ते में 20 घंटे तक काम कर सकते हैं, यानी साल में 1,040 घंटे। यह इजाज़त आपके वीज़े के साथ आती है, किसी की मेहरबानी नहीं। इतने घंटों से आदमी अपना ख़र्च निकाल लेता है। इनसे ज़्यादा काम करने के लालच में पढ़ाई छोड़ देना वही ग़लती है जिसका ज़िक्र आगे आ रहा है।
और तीसरा काम वही जो ऊपर लिखा: CAF से ISEE Parificato और फिर अपने इलाक़े की संस्था में DSU स्कॉलरशिप की अर्ज़ी। इन तीन कामों के बाद आपकी ज़मीन हमवार है।

डिग्री के बाद आपको निकाला नहीं जाता
यह इटली के सिस्टम की वह बात है जो उसे कई देशों से बेहतर बनाती है। पढ़ाई ख़त्म होने पर आपको फ़ौरन वापस नहीं जाना पड़ता।
डिग्री पूरी करने पर attesa occupazione यानी जॉब-सर्च परमिट मिलता है — लगभग एक साल, नौकरी या अपना काम ढूँढने के लिए। नौकरी मिल जाए तो स्टडी परमिट वर्क परमिट में बदल जाता है, और यहाँ सबसे अहम बात यह है कि इटली में पढ़े हुए विदेशी ग्रेजुएट कोटे से बाहर भी यह बदलाव कर सकते हैं। यानी वह लॉटरी, जिसके इंतज़ार में लोग बरसों बैठे रहते हैं, आपके लिए शर्त ही नहीं रहती। अगर तनख़्वाह अच्छी हो तो EU Blue Card का रास्ता भी मौजूद है।
और इससे आगे देखें तो क़ानूनी रिहाइश के 10 साल पर नागरिकता की अर्ज़ी मुमकिन है। छात्र जीवन के साल भी क़ानूनी रिहाइश हैं, मगर गिनती के नियमों में बारीकियाँ हैं — इस मोड़ पर अंदाज़े से काम न लें, वकील या patronato (मदद के दफ़्तर) से अपना हिसाब करवा लें।
ख़र्चे का अंदाज़ा — पहले से हिसाब लगा लें
नीचे के आँकड़े अंदाज़न हैं और सिर्फ़ योजना बनाने के लिए हैं; शहर और संस्थान के हिसाब से फ़र्क़ पड़ता है, इसलिए अपनी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से तसदीक़ ज़रूर करें।
- फ़ीस: लगभग 0 से 2,500 यूरो सालाना — ISEE पर निर्भर, और स्कॉलरशिप मिलने की सूरत में माफ़।
- कमरा: छोटे शहरों में लगभग 250 से 400 यूरो महीना; मिलान और रोम में इससे कहीं ज़्यादा।
- खाना: लगभग 150 से 250 यूरो महीना, और DSU की mensa इससे भी सस्ती पड़ती है।
इन तीनों लाइनों को मिलाकर एक बात साफ़ दिखती है: सबसे सस्ता और सबसे सुकून वाला रास्ता किसी छोटे शहर की अच्छी यूनिवर्सिटी और DSU का हॉस्टल है। मिलान का नाम बड़ा है, मगर मिलान का किराया आपका पूरा बजट खा जाता है और फिर आदमी पढ़ाई की जगह किराया कमाने में लग जाता है।
तीन चीज़ें जो इस रास्ते को तबाह करती हैं
“दाख़िला गारंटी” बेचने वाले। “IELTS की ज़रूरत नहीं, दाख़िला हमारे ज़िम्मे, फ़ीस हम भर देंगे” — यह जुमला सुनते ही रुक जाएँ। इटली की यूनिवर्सिटियों के पोर्टल और Universitaly दोनों मुफ़्त हैं और आपके ख़ुद इस्तेमाल के लिए बने हैं। जो काम आप अपने मोबाइल से कर सकते हैं, उसके लाखों रुपये “कंसल्टेंसी” के नाम पर देना सीधा नुक़सान है। और जो शख़्स दाख़िले की गारंटी दे रहा है, वह ऐसी चीज़ बेच रहा है जिसका फ़ैसला यूनिवर्सिटी करती है, वह नहीं।
दाख़िला लेकर कॉलेज से ग़ायब हो जाना। यह सबसे कड़वी बात है और इसे साफ़ लिखना ज़रूरी है। कुछ लोग कोर्स सिर्फ़ वीज़े के लिए लेते हैं और पहुँचते ही पढ़ाई छोड़कर काम में लग जाते हैं। हाज़िरी और इम्तिहान न हों तो परमिट का रिन्यूअल रुक जाता है, और रिन्यूअल रुकते ही वह आदमी बिना काग़ज़ात हो जाता है — यानी ठीक वही हालत जिससे बचने के लिए उसने यह महँगा और सुरक्षित रास्ता चुना था। इटली में रहने का सबसे सस्ता तरीक़ा यह है कि आप वाक़ई छात्र बने रहें।
जाली आर्थिक काग़ज़। दूतावास ये रोज़ देखते हैं और पकड़ लेते हैं। एक बार पकड़े जाने का नुक़सान सिर्फ़ उस अर्ज़ी तक सीमित नहीं रहता — रिकॉर्ड आगे तक साथ चलता है और आपके अपने दूसरे रास्ते तंग कर देता है।
सरकारी वेबसाइटें — तसदीक़ यहीं से करें
ऊपर लिखी हर रक़म और हर तारीख़ बदलती रहती है। कोई भी फ़ैसला करने से पहले इन सरकारी स्रोतों से, और अपनी यूनिवर्सिटी के अपने पेज से, ख़ुद देख लें।
- प्री-एनरोलमेंट: universitaly.it
- डिग्रियों की तसदीक़: cimea.it
- वीज़ा की जानकारी: vistoperitalia.esteri.it
यह लेख आपको रास्ता समझाने के लिए है, क़ानूनी सलाह नहीं। फ़ीस, स्कॉलरशिप, आर्थिक सीमाएँ और दाख़िले की तारीख़ें हर साल बदलती हैं और हर यूनिवर्सिटी और हर इलाक़े में अलग होती हैं। अर्ज़ी देने से पहले संबंधित यूनिवर्सिटी, अपने इलाक़े की स्कॉलरशिप संस्था और दूतावास की अपनी वेबसाइट से मौजूदा जानकारी की तसदीक़ ज़रूर कर लें।